गोपालदास नीरज जी का एक गीत यहाँ सुन सकते हैं-
Sunday, July 18, 2010
Saturday, July 10, 2010
ज्योतिषी आक्टोपस ??
ज्योतिष विज्ञान पूरी तरह से वैज्ञानिक है। ग्रह नक्षत्रों की गणना करना और उसके आधार पर भविष्य में होने वाली घटनाओं को पहले ही बता देना ज्योतिष की प्रसिद्धि का लोकजीवन में कारण रहा है। ज्योतिष कहीं से भी अंधविश्वास का समर्थन नहीं करती है। इसमें अंधविश्वास की कोई गुंजाइश है भी नहीं। हाँ ज्योतिष का दुरुपयोग व्यावसाइयों ने और स्वार्थी तत्वों ने खूब किया है। सड़कों पर बैठे बज्रमूर्ख तोतों से भाग्य के कार्ड निकलवाकर धंधा कर रहे हैं और ज्योतिष को बदनाम कर रहे हैं। इससे ज्योतिष का भला क्या लेना देना है ......... एक समाचार अभी सुर्खियों में है कि कोई ऑक्टोपस भविष्यवाणी कर रहा है, ऐसे अंधविश्वासों को ज्योतिष से क्या संबंध हो सकता है...... यह कोई व्यापार की नई चाल ही है, आजकल तमाम टी.व्ही. चैनल अंधविश्वास फैला कर कमाई कर रहे हैं। क्योंकि अंधविश्वास में विश्वास करने वाला व्यक्ति मन से इतना कमजोर होता है कि उससे आप कुछ भी फायदा ले सकते हैं। जनता की इसी कमजोरी को अंधविश्वास की घुट्टी पिलाकर ठगा जा रहा है। अंधविश्वास की इसी कड़ी में कुछ नयापन लाने के उद्देश्य से आक्टोपस को ज्योतिषी बना कर प्रचारित किया जा रहा है।
इस सन्दर्भ में आपके विचार आमंत्रित हैं।
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